" देहाती लोगों की वजह से ही भारत की संस्कृति और भाषाएँ बची हुई हैं , नहीं तो हम पढ़े लिखे लोगों ने तो अंग्रेज़ियत के ग़ुलाम होने में कोई कमी बाकी नही रखी है। "
कविताएँ, शायरियाँ, लघुकथा, यात्रा वृत्तांत, प्रेरणादायक व ज्ञानवर्धक बातें और भी बहुत कुछ हिंदी में...
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एक संगिनी
एक संगिनी तुम्हारा मिलना जीवन को एक नई आस देता है, घोर अंधेरे में विहंगम उजला कोई प्रकाश देता है। तुम तब आई जब युद्ध मैं हार चुका था, निराश...
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प्राण बिन एक देह छोड़ गई हो... वो मन्दिर के कायदे वो जन्मों जन्मों के वायदे, वो साथ होने की रसमें वो सच्ची झूठी कसमें। सब कुछ ...
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