Monday, 11 November 2019

शिक्षित मगर ग़ुलाम



   " देहाती लोगों की वजह से ही भारत की संस्कृति और भाषाएँ बची हुई हैं , नहीं तो हम पढ़े लिखे लोगों ने तो अंग्रेज़ियत के ग़ुलाम होने में कोई कमी बाकी नही रखी है। "
  

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