Tuesday, 12 November 2019

परिवार,प्रेम और सहनशीलता

" पहाड़ों पर एकांत में बैठ कर तप करना सरल है , लेकिन परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाए रखना बहुत कठिन है और यही जीवन का असली तप है । "
          जहाँ परिवार होता है, वहाँ कई रिश्ते होते हैं, अपनत्व होता है, प्रेम होता है और साथ ही साथ अन-बन भी होती है, जिसमे हमारा दायित्व है कि हम अपना धीरज बनाये रखें परंतु यदि कोई वाक्या गलत हो तो उसके प्रति विरोध भी करें।

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