" जब हमारे पास काम करने की मजबूरी या दबाब न रहे, जब हमें पता हो कि हम चाहे कुछ भी करें, हमारे पास पर्याप्त से अधिक पैसा जीवन भर आता रहेगा, तो यह अद्भुत रूप से स्वतंत्रतादायक व आनंददायक एहसास होता है। इससे हमें वह करने की स्वतंत्रता मिल जाती है, जिससे हम सचमुच प्रेम करते हैं। "
कविताएँ, शायरियाँ, लघुकथा, यात्रा वृत्तांत, प्रेरणादायक व ज्ञानवर्धक बातें और भी बहुत कुछ हिंदी में...
Thursday, 28 November 2019
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
एक संगिनी
एक संगिनी तुम्हारा मिलना जीवन को एक नई आस देता है, घोर अंधेरे में विहंगम उजला कोई प्रकाश देता है। तुम तब आई जब युद्ध मैं हार चुका था, निराश...
-
एक संगिनी तुम्हारा मिलना जीवन को एक नई आस देता है, घोर अंधेरे में विहंगम उजला कोई प्रकाश देता है। तुम तब आई जब युद्ध मैं हार चुका था, निराश...
-
मिट्टी को जब-जब चाक धरा... मिट्टी को जब-जब चाक धरा, रच बर्तन में आकार गढ़ा, बर्तन मिट्टी से बचा धरा, क्यों मैं कुम...
No comments:
Post a Comment