Monday, 23 November 2020

प्रेम

"प्रेम के बदले में प्रेम पाने की ईच्छा करना ही मनुष्य के दुख का सबसे बड़ा कारण है। प्रेम तो  केवल देने का नाम है, प्रेम में अगर वापस पाने की ईच्छा की जाए तो वह प्रेम न रहकर सौदा बन जाए। लेकिन दुख तो तब होता है जब आपने अपना सारा प्रेम निश्छल भावना से किसी पर  लुटा दिया हो और उसे इस बात की कद्र भी न हो।"

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