Sunday, 24 October 2021

पहली मोहोब्बत

                           पहली मोहोब्बत


बांहो में सिमटकर 
जब सीने से लगाया होगा,
पागलपन सिर्फ मेरा ही नही
इश्क़ ने पागल तुम्हे भी बनाया होगा।

दिल सिर्फ मेरा ही नही बैठा होगा
कदम तुम्हारे भी डगमगाए होंगे,
प्रेम कहानी अधूरी लिखने में
हाथ तुम्हारे भी थरथराए होंगे।

यूँ ही नही चांदनी रात में
तुम सिर्फ अलविदा कहने आयी होगी,
उस आखिरी चुम्बन पर 
आँखें तो तुम्हारी भी भर आयी होगी।

कहीं और से तुमने भी
पहली मोहोब्बत का एहसास पाया होगा,
मेरी पहली मोहोब्बत तुम ही थी जानोगी तब 
जब मेरे बाद तुमको मेरा प्यार समझ आया होगा।

                                              :- संदीप प्रजापति

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