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Sunday, 9 August 2020
जीवन :- झोपड़पट्टी में
Saturday, 25 July 2020
मैं
Wednesday, 24 June 2020
आशावादी बनें; नर हो न निराश करो मन को
आशावादी बनें
एक बार एक युवक को संघर्ष करते-करते एक वर्ष से कुछ ज्यादा ही समय हो गया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। वह निराश होकर जंगल में गया और वहाँ आत्महत्या करने ही जा रहा था कि अचानक एक सन्त प्रकट हो गए । सन्त ने कहा, "बच्चे क्या बात है, इस घनघोर जंगल में क्या कर रहे हो?"
उस युवक ने जवाब दिया, "मैं जीवन में संघर्ष करते-करते थक गया हूँ। मैं आत्महत्या करके अपने बेकार जीवन को नष्ट करने आया हूँ।"सन्त ने पूछा, "तुम कितने दिनों से संघर्ष कर रहे हो?"
युवक ने कहा, "मुझे पन्द्रह माह के लगभग हो गए। मुझे न तो कहीं नौकरी मिली है, न ही मैं किसी परीक्षा में सफल हो सका हूँ।"
सन्त ने कहा, "तुम्हें नौकरी भी मिल जाएगी एवं तुम सफल भी हो जाओगे कुछ दिन और प्रयास करो, निराश न हो।"
युवक ने कहा, “मैं किसी योग्य भी नहीं हूँ। अब मुझसे कुछ नहीं होगा।"
सन्त ने उसे एक कहानी सुनाई। सन्त ने कहा कि ईश्वर ने दो पौधे लगाए। एक बांस का, एक फर्न का (पत्तियों वाला)। फर्न वाले पौधे में कुछ ही दिनों में पत्तियाँ निकल आईं। फर्न का पौधा एक साल में काफी बढ़ गया, जबकि बांस (Bamboo) के पौधे में सालभर में कुछ नहीं हुआ। ईश्वर निराश नहीं हुआ। दूसरे वर्ष भी बांस के पेड़ में कुछ नहीं हुआ एवं फर्न का पौधा और बड़ा हो गया, लेकिन ईश्वर ने निराशा नहीं दिखाई। तीसरे वर्ष और इसी तरह चौथे वर्ष भी बांस का पेड़ वैसा ही रहा, उसमें कुछ नहीं हुआ, लेकिन फर्न का पौधा और बड़ा हो गया। ईश्वर फिर भी निराश नहीं हुआ। इसके कुछ दिनों बाद बांस का पौधा फूटा एवं देखते-देखते कुछ ही दिनों में ऊँचा हो गया। बांस के पेड़ को अपनी जड़ों को मजबूत करने में 4-5 वर्ष लग गए। सन्त ने युवक से कहा कि यह आपका संघर्ष का समय है, अपनी जड़ें मजबूत करने का समय है। आप इस समय को व्यर्थ नहीं समझें एवं निराश न हो। जैसे ही आपकी जड़ें मजबूत, परिपक्व हो जाएँगी. आपकी सारी समस्याओं का निदान हो जाएगा। आप खूब सफल होंगे, फूलेंगे और फलेंगे।
"आप स्वयं की तुलना अन्य लोगों से न करें, आत्मविश्वास न खोएँ। समय आने पर आप बांस के पेड़ की तरह बहुत ऊँचे हो जाओगे सफलता की बुलन्दियों पर पहुँचोगे।"
बात युवक की समझ में आ गई और वह पुन: संघर्ष के पथ पर चल दिया।
"Never lose hope and never give up or quit.Success will come to you sooner or later."
(मुझे और मेरे सभी सहपाठियों और मित्रों को समर्पित🙏)
Tuesday, 16 June 2020
Monday, 11 May 2020
एक उत्तरभारतीय की व्यथा
(एक बार पूरा लेख अवश्य पढ़ें🙏)
क्या हमने कभी सोचा है...आखिर ऐसी क्या वजह रही होगी जो उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लोग इतनी बड़ी संख्या में महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में बसने के लिए मजबूर है? जब भी हमने इसका उत्तर जानने की कोशश की तब रोजी-रोटी, काम-धंधा, मजदूरी इत्यादि जैसे ही जवाब सामने आए।
लेकिन क्यों? क्या उत्तरप्रदेश और बिहार का अपना कोई इतिहास नहीं है! जिस माटी को राम, कृष्ण और बुद्ध ने पावन किया हो। जिस धरती पर गंगा, यमुना जैसी नदियाँ बहती हों। आखिर वहाँ के लोग आज दर-दर भटकने को क्यों विवश हैं। यकीन नहीं होता कि जिस भूमि का इतना पावन और अद्भुत इतिहास हो वहाँ के लोग आज मारे-मारे फिर रहे हैं।
इसका क्या कारण हो सकता है? मेरे हिसाब से तो इसका एक ही कारण है- सरकारों की नाकामी। अपने राजनीतिक लाभ के लिए आज तक यहाँ की सरकारों ने इन राज्यों का विकास ही नहीं होने दिया। उन्होंने केवल अपनी जेबें भरी और जातिवाद-वंशवाद को बढ़ावा दिया। और कुछ दोष तो उन लोगों का भी है जिनकी "चच्चा हमारे विधायक है" और "फलाना परधान अपना ही है" वाली सोच ने भ्रष्टाचार आदि को बढ़ावा दिया। जिसके कारण गरीबों का और अधिक शोषण होता गया। शायद इन्हीं कारणों से हमारे माता-पिता की पीढ़ी वाले लोगों ने अपनी पहचान और अपनी माटी को छोड़कर दूसरे राज्यों में बसेरा करना शुरू कर दिया। खेती जैसे मुख्य पारम्परिक और समृद्ध व्यवसाय को छोड़कर शहरों में गुलामी करने को मजबूर हो गए। जिसके कारण इन्हें समय-समय पर अपमान के कडवें घूँट भी पीने पड़े।
आज हमें गर्व होता है कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों के विकास में उत्तरभारतीयों का एक विशेष योगदान है, परन्तु हमें इस बात का मलाल भी होना चाहिए कि हम अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ नहीं कर पा रहें। जिस तरह हमने महाराष्ट्र को अपनी कर्मभूमि मानकर, यहाँ के भाई-बंधुओं को अपना मानकर यहाँ के विकास में योगदान दिया है। उसी प्रकार अब समय आ गया है कि हमें अपनी जन्मभूमि के लिए भी इसी प्रकार की मेहनत और लगन लगानी पड़ेगी जिससे हम सब मिलकर उत्तरप्रदेश और बिहार को एक समृद्ध और विकसित राज्य बना सके।
जैसा कि कहा गया है,
"जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी"
आशा है कि मेरी उम्र के कई नवयुवक होंगें जिनकी भी यही लालशा होगी कि वें अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ कर सकें। वो भी गाँवों में उद्योगों को बढ़ावा दिला सके और कृषि कार्य को और अधिक आधुनिक एवम उन्नत बना सकें, जिससे फिर किसी को शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। आज हममे से कई लोग होंगे जिन्होंने हमारे माता-पिता के शहरों की ओर पलायन के कारण अपने गाँवों को खो दिया है, एक सुनहरे बचपन को खो दिया है। हमें चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी के साथ ऐसा न होने दें।
आज हमारी माटी को हमारी आवश्यकता है, जो हम सब से अपना कर्ज अदा करने को कह रही है, आज हम सब नवयुवकों को मिलकर प्रण करना चाहिए कि हम अपना पूरा-पूरा योगदान दें। ताकि जो परिस्थिति आज उत्तपन्न हुई है वो भविष्य में कभी ना उत्तपन्न हों। जिस प्रकार आज मजदूरों को भूखे-प्यासे भटकना पड़ रहा है, अपने ही घर जाने के लिए मौत से लड़ना पड़ रहा है, मानव सभ्यता में आगे ऐसा कभी ना हो।
(नोट: एक उत्तरभारतीय होने के नाते इस लेख में मैने अपने व्यक्तिगत मत रखें है, यदि किसी को भी किसी भी प्रकार की ठेस पहुंची हो तो हृदय से क्षमा प्राथी हूँ। महाराष्ट्र राज्य और यहाँ के बन्धुओं से तो मेरी किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं है बल्कि मैं तो इसे अपनी कर्मभूमि मानकर जीवन भर इसकी सेवा करने के लिए तत्पर रहूँगा।)
धन्यवाद🙏
Friday, 1 May 2020
"सनातन हिन्दू धर्म में प्रसार एवं एकता का अभाव"
Saturday, 28 March 2020
मजदूर की मजबूरी (कोरोना)
Sunday, 23 February 2020
मौत मैं मशहूर चाहता हूँ...
Monday, 30 December 2019
सफलता प्राप्ति हेतु प्रेरणास्रोत
“यदि आप दृढ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करेंगे तो सफलता ज़रूर मिलेगी।”
“वे लोग जो सपने देखने की ताकत रखते है। वे दुनिया को जितने की ताकत भी रखते है।”
“बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे की सोचो। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है।”
"आप गरीब पैदा हुए तो इसमें आपका कोई दोष नहीं लेकिन अगर आप गरीब मरे तो इसमें जरूर आप ही का दोष है।”
-- Dheerubhai Ambani
"मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूँ और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूँ।"
"अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए,लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए।"
--Ratan Tata
“पृथ्वी पर ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसको समस्या ना हो और कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका कोई समाधान ना हो। मंजिले चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।” — APJ Abdul Kalam
"अगर आपके पास मुसीबतों से लड़ने की ताकद है, तो आप जीत जाओगे। आप जीतते हैं तो आप लीड कर सकते हो, लेकिन अगर आप हारते हो तो आप मार्गदर्शन जरूर कर सकते है।” – Sandeep Maheshwari
"लोग जो अपनी जिन्दगी का नियंत्रण अपने हाथो में नहीं लेते उनका नियंत्रण समय के हाथो में चला जाता है”― Kiran Bedi
“इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं है, मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबू आये!!”
“सिर्फ मरी हुई मछली को पानी का बहाव चलाती है जिस मछली में जान होती है वह अपना रास्ता खुद बनाती है।"
“जिससे कोई उम्मीद नही होती अक्सर वही लोग कमाल करते हैं!”
"मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।"
यहाँ पर बताए गए सभी प्रेरणादायक बाते सिर्फ़ आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। लेकिन सही मायने में सफलता हासिल करने के लिए आगे आपको खुद ही बढ़ना होगा। ये सभी बातें तभी सार्थक सिद्ध होंगी जब आप अपने जीवन मे कोई बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए खुद को बाध्य करेंगे। हम सभी का हमेशा अपने जीवन मे कुछ ना कुछ लक्ष्य अवश्य होना चाहिए क्योंकि लक्ष्यहीन जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आशा करते है कि आपको यहाँ पर दिए गए सभी प्रेरणादायक विचार और मोटिवेशनल कोट्स काफ़ी पसंद आये होंगे। इनमें से जो कोट्स आपको सबसे ज़्यादा पसंद आये है उनके बारें में कॉमेंट्स में जरूर बताएं। इसके साथ ही इन्हें फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर जरूर शेयर करें।
Sunday, 15 December 2019
मेहनत का महत्त्व
"आज आप जितना ज्यादा खामोशी से मेहनत और संघर्ष करके सफलता प्राप्त करोगे; कल उतना ही ज्यादा पद , प्रतिष्ठा और पैसे की इज्जत करोगे।"
---संदीप
Tuesday, 3 December 2019
बलात्कार का विरोध
आज हमें बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिए कठोर कानून के साथ - साथ एक ठोस सामाजिक मानसिकता विकसित करने की भी आवश्यकता है। हमें बाल्यावस्था से ही बच्चों को स्त्रियों का सम्मान और आदर करना सिखाना चाहिए। उन्हें छोटी उम्र से ही बलात्कार जैसे अमानवीय अपराध और पाप के बारे में बताना चाहिए। बालकों को युवा होने पर चरित्र, मर्यादा, पुरुषार्थ आदि का पालन करना सीखाना होगा।
एक संगिनी
एक संगिनी तुम्हारा मिलना जीवन को एक नई आस देता है, घोर अंधेरे में विहंगम उजला कोई प्रकाश देता है। तुम तब आई जब युद्ध मैं हार चुका था, निराश...
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" प्रेम मंजिल नहीं, यात्रा है। पाना नहीं, जीना है।" प्रेम में पड़ा व्यक्ति यात्री हो जाता है। एक ऐसे राह का यात्री...