" जब हमारे पास काम करने की मजबूरी या दबाब न रहे, जब हमें पता हो कि हम चाहे कुछ भी करें, हमारे पास पर्याप्त से अधिक पैसा जीवन भर आता रहेगा, तो यह अद्भुत रूप से स्वतंत्रतादायक व आनंददायक एहसास होता है। इससे हमें वह करने की स्वतंत्रता मिल जाती है, जिससे हम सचमुच प्रेम करते हैं। "
कविताएँ, शायरियाँ, लघुकथा, यात्रा वृत्तांत, प्रेरणादायक व ज्ञानवर्धक बातें और भी बहुत कुछ हिंदी में...
Thursday, 28 November 2019
आर्थिक स्वतंत्रता
Wednesday, 27 November 2019
इतिहास का महत्व
"इतिहास में भारत को 'सोने की चिड़िया' कहते थे पर इस कथन से हमें संतुष्ट नहीं होना चाहिए । कैसे बना सोने की चिड़िया हमारा देश ? वे कौन लोग थे जिन्होंने भारत को महान बनाया। कैसे बनाया और फिर इसका पतन क्यों हुआ? हमें सब कुछ विस्तार से जानना चाहिए।"
Friday, 15 November 2019
पवित्र प्रेम
" प्रेम हमेशा चरित्र को बड़ा व ताकतवर बनाता है , कमजोर नहीं बशर्ते कि वह मानवीय प्रेम हो किसी जानवर की वासना नहीं। सच्चा प्रेम पैदा नहीं किया जा सकता वह अपने आप प्रकट होता है। यह प्रकृति का नियम है। पर कब होगा कोई नहीं कह सकता। मैं कह सकता हूँ कि एक लड़का व एक लड़की अपने प्रेम की शक्ति से वासना से परे जा सकते हैं। "
- शहीद भगत सिंह
Wednesday, 13 November 2019
ज्ञान का महत्त्व
हम जो पढ़ते हैं वही सोचने लगते हैं। जो सोचते हैं वही करने लगते हैं। इसलिए चाहे जो भी कार्य करो जीवन में , पर पढो जरूर। लगातार पढ़ो। नया ज्ञान अर्जित करो। जिसने पढ़ना छोड़ दिया समझो उसने जीवन जीना छोड़ दिया।
जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा हमारा ज्ञान ही नहीं ,बल्कि हमारी कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास भी बढाती है। शिक्षा से हमें कई वो रास्ते भी दिखते हैं ,जो साधारणतया हम नहीं देख पाते। शिक्षा से हमारे जीवन की गुणवत्ता बढती है।
शिक्षा का मतलब अपने स्कूली पाठ्यक्रम के अलावा कई और नई चीजें सीखना होता है।
" पुस्तकें कभी भी फैशन से बाहर नहीं होती। "
Tuesday, 12 November 2019
परिवार,प्रेम और सहनशीलता
" पहाड़ों पर एकांत में बैठ कर तप करना सरल है , लेकिन परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाए रखना बहुत कठिन है और यही जीवन का असली तप है । "
जहाँ परिवार होता है, वहाँ कई रिश्ते होते हैं, अपनत्व होता है, प्रेम होता है और साथ ही साथ अन-बन भी होती है, जिसमे हमारा दायित्व है कि हम अपना धीरज बनाये रखें परंतु यदि कोई वाक्या गलत हो तो उसके प्रति विरोध भी करें।
Monday, 11 November 2019
शिक्षित मगर ग़ुलाम
" देहाती लोगों की वजह से ही भारत की संस्कृति और भाषाएँ बची हुई हैं , नहीं तो हम पढ़े लिखे लोगों ने तो अंग्रेज़ियत के ग़ुलाम होने में कोई कमी बाकी नही रखी है। "
Friday, 13 September 2019
हिंदी प्रेम
हमारी एकता और अखंडता ही हमारे देश की पहचान है।
हिंदुस्तानी हैं हम और हिंदी हमारी जुबान है।
हिंदी हमारी आन है, हिंदी हमारी शान है।
हिंदी हमारा अभिमान है, हिंदी हमारा स्वाभिमान है।
हिंदी हैं हम और वतन हमारा हिंदुस्तान है।
हिंदी हमारी मातृभाषा है, मात्र एक भाषा नहीं।
#हिंदी_दिवस की शुभकामनाएँ।
हिंदी दिवस
हमारी एक है अभिलाषा।
हिंदी बने राष्ट्रभाषा।
तन-मन से न्यारी हिंदी,
माँ भारती के माथे की बिंदी,
मेरी प्यारी हिंदी, मेरी प्यारी हिंदी।
प्राचीन, समृद्ध, सरल और सुबोध हिंदी
विश्व भर में समझी बोली जाने वाली हिंदी
हमारी प्यारी हिंदी... हमारी की प्यारी हिंदी...
#हिन्दी_दिवस की शुभकामना
तन-मन से न्यारी हिंदी,
माँ भारती के माथे की बिंदी,
मेरी प्यारी हिंदी, मेरी प्यारी हिंदी।
प्राचीन, समृद्ध, सरल और सुबोध हिंदी
विश्व भर में समझी बोली जाने वाली हिंदी
हमारी प्यारी हिंदी... हमारी की प्यारी हिंदी...
#हिन्दी_दिवस की शुभकामना
Wednesday, 14 August 2019
स्वंतत्रता दिवस
सुराज्य का सपना
क्या हम सच में आजाद है? आज आजादी के इतने वर्षों बाद भी हम सँकरी मानसिकता के गुलाम बनें हैं। देश तो अंग्रेजों से आज़ाद हो गया परंतु समाज अंग्रेजियत, पश्चिमी सभ्यता, जातिवाद, दहेज, धर्म भेदभाव आदि से नहीं आज़ाद हो सका। स्वराज तो मिला हमें परंतु सुराज्य का सपना धूमिल सा ही नजर आता है। भ्रष्टाचार, महँगाई, गरीबी, अशाक्षरता जैसे कई कारण हमें पीछे की ओर खींचते हैं। आए दिन बालात्कार जैसा घिनौना अपराध भी इस भारतभूमि पर होता है।
केवल राष्ट्रीय पर्वों पर भारतीयता दिखाने से ही हम देशभक्त नहीं कहलाएंगे। हमें एकजुट होकर सारी सामाजिक समस्याओं से लड़ना होगा। आज हम सभी को प्रण करना चाहिए कि हम खुद का विकास करें और दूसरों को भी विकसित होने में मदद करें क्योंकि जब इस देश का एक एक नागरिक सक्षम बनेगा तभी तो हमारा भारत महान बनेगा।
मेरा भारत महान ।
भारत माता की जय ।
जय हिंद । जय भारत ।
Friday, 2 August 2019
मेरा प्रेम : मेरी मुम्बई

मेरा प्रेम : मेरी मुम्बई
मुम्बई कहने को तो यह सिर्फ एक शहर है, लेकिन यह शहर कई दिलों की धड़कन भी है। यह तो सपनों का परिश्रम का शहर है। हर रोज लाखों लोग भारत के कोने -कोने से अपने सपनों को साकार करने के लिए यहाँ आते हैं। ये भी सबका पूरा-पूरा सम्मान और स्वागत करती है।इसने भी कभी किसी का दिल नहीं तोड़ा। इस शहर ने कई ऐसे व्यक्तियों को आसमान की बुलंदियों तक पहुँचाया है, जिन्होंने यहाँ लगन से परिश्रम किया और हाँ यदि कोई यहाँ कुछ कर न सका तो इसमें उस इंसान में ही कोई कमी रही होगी।
सभी ओर से समंदर से घिरे इस खूबसूरत से शहर की सुबह जितनी खूबसूरत है इसकी शामें उतनी ही सुहावनी होती है। यहाँ समंदर किनारे बिताई गयी एक शाम भी जीवन के कई हसीन पलों के समान है। मुम्बई की बरसात हो समुद्री किनारा हो खुबसूरत सी शाम हो इससे ज्यादा अच्छा और कुछ नही हो सकता । रातों में समुद्र किनारे जगमगाती रंग -बिरंगी लाइटें तो ऐसी प्रतीत होती है जैसे जमीन पर ही सितारें टिमटिमा रहें हों। पैरों तले रेत ,सिर पर खुला आसमान ,समुद्र की बेबाक लहरों का शोर और लोगों की भीड़ इन सब ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और आगे सिखाती रहेंगी।
शहर के एक ओर गगनचुम्बी इमारतें तो एक ओर बस्तियाँ । एक ओर रहिसियत तो दूसरी ओर फकिरियत ही इसकी विशेषता है। रहिसों को तो दिया ही उसी तरह इस शहर ने ग़रीबों को भी अपने अपने दिल मे बसाया है। इस तरह से इतनी बड़ी है मेरी मुम्बई और इसका दिल........त्याग, समर्पण ,प्रेम और न जाने कितने भावों को अपने अंदर समेटे यह शहर लोगों के सपनों को पूरा कर रही है।
और हाँ ,मुझे यकीन है मेरे भी सपने यह अवश्य पूरा करेगी और इसके लिए मैं भी पूरी मेहनत और इच्छाशक्ति के साथ लगा रहूंगा।
मेरा प्रेम : मेरी मुम्बई
मुम्बई कहने को तो यह सिर्फ एक शहर है, लेकिन यह शहर कई दिलों की धड़कन भी है। यह तो सपनों का परिश्रम का शहर है। हर रोज लाखों लोग भारत के कोने -कोने से अपने सपनों को साकार करने के लिए यहाँ आते हैं। ये भी सबका पूरा-पूरा सम्मान और स्वागत करती है।इसने भी कभी किसी का दिल नहीं तोड़ा। इस शहर ने कई ऐसे व्यक्तियों को आसमान की बुलंदियों तक पहुँचाया है, जिन्होंने यहाँ लगन से परिश्रम किया और हाँ यदि कोई यहाँ कुछ कर न सका तो इसमें उस इंसान में ही कोई कमी रही होगी।
सभी ओर से समंदर से घिरे इस खूबसूरत से शहर की सुबह जितनी खूबसूरत है इसकी शामें उतनी ही सुहावनी होती है। यहाँ समंदर किनारे बिताई गयी एक शाम भी जीवन के कई हसीन पलों के समान है। मुम्बई की बरसात हो समुद्री किनारा हो खुबसूरत सी शाम हो इससे ज्यादा अच्छा और कुछ नही हो सकता । रातों में समुद्र किनारे जगमगाती रंग -बिरंगी लाइटें तो ऐसी प्रतीत होती है जैसे जमीन पर ही सितारें टिमटिमा रहें हों। पैरों तले रेत ,सिर पर खुला आसमान ,समुद्र की बेबाक लहरों का शोर और लोगों की भीड़ इन सब ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और आगे सिखाती रहेंगी।
शहर के एक ओर गगनचुम्बी इमारतें तो एक ओर बस्तियाँ । एक ओर रहिसियत तो दूसरी ओर फकिरियत ही इसकी विशेषता है। रहिसों को तो दिया ही उसी तरह इस शहर ने ग़रीबों को भी अपने अपने दिल मे बसाया है। इस तरह से इतनी बड़ी है मेरी मुम्बई और इसका दिल........त्याग, समर्पण ,प्रेम और न जाने कितने भावों को अपने अंदर समेटे यह शहर लोगों के सपनों को पूरा कर रही है।
और हाँ ,मुझे यकीन है मेरे भी सपने यह अवश्य पूरा करेगी और इसके लिए मैं भी पूरी मेहनत और इच्छाशक्ति के साथ लगा रहूंगा।
Thursday, 1 August 2019
एक लड़की...
एक रोज़ गाँव में
बैठा था आम की छाँव में
देखा मैंने एक लड़की
पायल पहने पाँव में
आँखों में मासूमियत चेहरे पर लाली
जैसे आयी हो स्वर्णिम नाँव में
सुंदर सुसज्जित गठीली
परन्तु विचित्र हावभाव में
देख कर लगा ऐसे
जैसे फँसी हो किसी दाँव में
न जाने क्या थी उसकी दशा तब से रह गया मैं
एक अजात घांव में....
---संदीप
---संदीप
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