Sunday, 23 February 2020

मौत मैं मशहूर चाहता हूँ...

"मेरे दो - चार ख्वाब हैं...
जिन्हें मैं आसमां से दूर चाहता हूँ,
ज़िन्दगी चाहे गुमनाम रहे...
पर मौत मैं मशहूर चाहता हूँ।"

मेरा सब बुरा भी कहना...
पर सब अच्छा भी बताना,
मैं जब जाऊँ इस दुनिया से...
तो मेरी दास्ताँ सुनाना।

ये भी बताना की
कैसे समंदर जितने से पहले,
मैं हज़ारों बार
छोटी - छोटी नदियों से हारा था।
वो घर, वो ज़मीन दिखाना 
कोई मगरूर जो कहे
तो शुरुआत मेरी बताना।
बताना सफ़ऱ की दुश्वारियां मेरी
ताकि कोई जो
मेरे जैसी ज़मीन से आए
उसके लिए नदियों की धार 
हमेशा छोटी ही रहे,
और समंदर जितने  का ख्वाब
उसकी आंखों से कभी ना जाए।
पर उनसे मेरी गलतियाँ भी मत छुपाना 
कोई पूछे तो बता देना की 
किस - दर्ज़े का नकारा था
कह देना की झूठा आवारा था।
बताना ज़रूरत पे काम न आ सका,
वादे किए पर निभा न सका
इन्तेक़ाम सारे पूरे किए
मगर इश्क़ निभा न सका
बता देना सबको की 
वो मतलबी बड़ा था
पर हर बड़े मक़ाम पे 
अकेले तन्हा ही खड़ा था।

"मेरा सब बुरा भी कहना 
पर सब अच्छा भी बताना 
मैं जब जाऊँ इस दुनिया से 
तो मेरी दास्ताँ सुनाना।"

(बहुत ही सुंदर पक्तियां है पर अफ़सोस की यह मैंनें नहीं लिखी है। जिस किसी ने भी लिखा है, बहुत ही लाजवाब है। मैं सहृदय अभिनन्दन करता हुं उस व्यक्ति का। )

Monday, 30 December 2019

सफलता प्राप्ति हेतु प्रेरणास्रोत

        दोस्तों, वैसे तो सामान्यतः हम सब का कोई बड़ा लक्ष्य होता ही है परंतु कभी कभी कमजोर इच्छाशक्ति तथा प्रेरणा की कमी के कारण हम उसे हासिल करने में असमर्थ से प्रतीत होते हैं। ऐसे में हम अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं और जीवन को व्यर्थ ही गँवाने लगते है।दोस्तों, हम सभी के जीवन में कोई न कोई लक्ष्य तो अवश्य ही होना चाहिए। जिसकी पूर्ति के लिए हम कठोर से कठोर परिश्रम करने के लिए भी हमेशा तैयार रहें। एक ऐसा लक्ष्य जो हमारे जीवन का उद्देश्य हो जिसकी खातिर हम मरने को भी तैयार हो जाए। 
    इसलिए दोस्तों, आज मैं आपके लिए कुछ ऐसे चुनिंदा महान व्यक्तित्वों के विचार ला रहा हूँ। जिन्होंने कभी जीवन के साथ समझौता नहीं किया और महान सफलता हासिल की। आशा करता हूं कि  इनको पढ़कर आप मे एक सकारात्मक ऊर्जा उतपन्न होगी जिससे आप सभी लोग भी अपने आप को अपने लक्ष्य के प्रति काफी प्रेरित कर पाओगे।


“यदि आप दृढ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करेंगे तो सफलता ज़रूर मिलेगी।” 

“वे लोग जो सपने देखने की ताकत रखते है। वे दुनिया को जितने की ताकत भी रखते है।”

“बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे की सोचो। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है।”

"आप गरीब पैदा हुए तो इसमें आपका कोई दोष नहीं लेकिन अगर आप गरीब मरे तो इसमें जरूर आप ही का दोष है।”

-- Dheerubhai Ambani


"मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूँ और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूँ।"

"अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए,लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए।"

--Ratan Tata


“पृथ्वी पर ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसको समस्या ना हो और कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका कोई समाधान ना हो। मंजिले चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।” — APJ Abdul Kalam


"अगर आपके पास मुसीबतों से लड़ने की ताकद है, तो आप जीत जाओगे। आप जीतते हैं तो आप लीड कर सकते हो, लेकिन अगर आप हारते हो तो आप मार्गदर्शन जरूर कर सकते है।” – Sandeep Maheshwari


"लोग जो अपनी जिन्दगी का नियंत्रण अपने हाथो में नहीं लेते उनका नियंत्रण समय के हाथो में चला जाता है”― Kiran Bedi




“इतर से कपड़ों का महकाना कोई बड़ी बात नहीं है, मज़ा तो तब है जब आपके किरदार से खुशबू आये!!”

“सिर्फ मरी हुई मछली को पानी का बहाव चलाती है जिस मछली में जान होती है वह अपना रास्ता खुद बनाती है।"

“जिससे कोई उम्मीद नही होती अक्सर वही लोग कमाल करते हैं!”

"मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।"

यहाँ पर बताए गए सभी प्रेरणादायक बाते सिर्फ़ आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। लेकिन सही मायने में सफलता हासिल करने के लिए आगे आपको खुद ही बढ़ना होगा। ये सभी बातें तभी सार्थक सिद्ध होंगी जब आप अपने जीवन मे कोई बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए खुद को बाध्य करेंगे। हम सभी का हमेशा अपने जीवन मे कुछ ना कुछ लक्ष्य अवश्य होना चाहिए क्योंकि लक्ष्यहीन जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आशा करते है कि आपको यहाँ पर दिए गए सभी प्रेरणादायक विचार और मोटिवेशनल कोट्स काफ़ी पसंद आये होंगे। इनमें से जो कोट्स आपको सबसे ज़्यादा पसंद आये है उनके बारें में कॉमेंट्स में जरूर बताएं। इसके साथ ही इन्हें फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर जरूर शेयर करें।

 

Sunday, 15 December 2019

मेहनत का महत्त्व


"आज आप जितना ज्यादा खामोशी से मेहनत और संघर्ष करके सफलता प्राप्त करोगे; कल उतना ही ज्यादा पद , प्रतिष्ठा और पैसे की इज्जत करोगे।"
                                                        

                                                         ---संदीप

Tuesday, 3 December 2019

बलात्कार का विरोध


                                                                                                                                                             आज हमें बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिए कठोर कानून के साथ - साथ एक ठोस सामाजिक मानसिकता विकसित करने की भी आवश्यकता है। हमें बाल्यावस्था से ही बच्चों को स्त्रियों का सम्मान और आदर करना सिखाना चाहिए। उन्हें छोटी उम्र से ही बलात्कार जैसे अमानवीय अपराध और पाप के बारे में बताना चाहिए। बालकों को युवा होने पर चरित्र, मर्यादा, पुरुषार्थ आदि का पालन करना सीखाना होगा। 
             केवल कानून, प्रशासन और सरकार के भरोसे बैठने से कुछ नहीं होगा, हम सभी भली-भाँति जानते हैं ये सब क्या कर रहे हैं! इसीलिए हमें आवश्यकता है कि हम सब मिल कर खुद ही समाज मे परिवर्तन लाएं और ऐसे अपराध के प्रति पहल करें। क्योंकि कोई घटना घट जाने के बाद ही कानून बनता है परंतु उसके बाद भी वह अपराध थमता नहीं है जो कि सत्य है। ये अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कानून है ही ऐसा जिसने हमारे महान पूर्वजों वीरों की न्यायव्यवस्था को खोखला कर दिया। कागजों पर नई कानूनी धाराओं से नहीं संस्कारों और विचारधाराओं से ऐसे अपराध रोके जा सकते हैं। और इन सब के बावजूद भी अगर ऐसी घटना हो तो इन हैवानों के साथ वही होना चाहिए जो छत्रपति शिवाजी महाराज और फूलन देवी जी ने किया था।
           हमारा उद्देश्य पाप को जड़ से खत्म करना होना चाहिए नाकि पापी को अगर पाप ही खत्म हो जाए तो पापी उत्तपन्न ही नही होगा।

            यह मेरा अपना व्यक्तिगत विचार है , इससे अगर किसी की भी भावनाओं को आहत पहूँचती है तो मैं उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

Friday, 29 November 2019

"वित्तीय बुद्धिमत्ता"

"रियल एस्टेट, सोना, स्टॉक्स, कड़ी मेहनत या पैसा आपको अमीर नहीं बनाता है ;इसके बजाय रियल एस्टेट, सोना, स्टॉक्स, कड़ी मेहनत और धन संबंधित ज्ञान आपको अमीर बनाता है।आपकी वित्तीय बुद्धिमत्ता आपको अमीर बनाती है। वित्तीय बुद्धि का शैक्षणिक बुद्धि से बहुत कम लेना - देना है या बिल्कुल भी नहीं है। हो सकता है कि शैक्षणिक बुद्धि के संदर्भ में आप महान हों, लेकिन वित्तीय बुद्धि के मामले में बिल्कुल ही मंदबुद्धि हों। "

Thursday, 28 November 2019

आर्थिक स्वतंत्रता

" जब हमारे पास काम करने की मजबूरी या दबाब न रहे, जब हमें पता हो कि हम चाहे कुछ भी करें, हमारे पास पर्याप्त से अधिक पैसा जीवन भर आता रहेगा, तो यह अद्भुत रूप से स्वतंत्रतादायक व आनंददायक एहसास होता है। इससे हमें वह करने की स्वतंत्रता मिल जाती है, जिससे हम सचमुच प्रेम करते हैं। "

Wednesday, 27 November 2019

इतिहास का महत्व

      
"इतिहास में भारत को 'सोने की चिड़िया' कहते थे पर इस कथन से हमें संतुष्ट नहीं होना चाहिए । कैसे बना सोने की चिड़िया हमारा देश ? वे कौन लोग थे जिन्होंने भारत को महान बनाया। कैसे बनाया और फिर इसका पतन क्यों हुआ? हमें सब कुछ विस्तार से जानना चाहिए।"

Friday, 15 November 2019

पवित्र प्रेम

        " प्रेम हमेशा चरित्र को बड़ा व ताकतवर बनाता है , कमजोर नहीं बशर्ते कि वह मानवीय प्रेम हो किसी जानवर की वासना नहीं। सच्चा प्रेम पैदा नहीं किया जा सकता वह अपने आप प्रकट होता है। यह प्रकृति का नियम है। पर कब होगा कोई नहीं कह सकता। मैं कह सकता हूँ कि एक लड़का व एक लड़की अपने प्रेम की शक्ति से वासना से परे जा सकते हैं। "

                                         - शहीद भगत सिंह

Wednesday, 13 November 2019

ज्ञान का महत्त्व

       हम जो पढ़ते हैं वही सोचने लगते हैं। जो सोचते हैं वही करने लगते हैं। इसलिए चाहे जो भी कार्य करो जीवन में , पर पढो जरूर। लगातार पढ़ो। नया ज्ञान अर्जित करो। जिसने पढ़ना छोड़ दिया समझो उसने जीवन जीना छोड़ दिया। 
        जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा हमारा ज्ञान ही नहीं ,बल्कि हमारी कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास भी बढाती है। शिक्षा से हमें कई वो रास्ते भी दिखते हैं ,जो साधारणतया हम नहीं देख पाते। शिक्षा से हमारे जीवन की गुणवत्ता बढती है।
     शिक्षा का मतलब अपने स्कूली पाठ्यक्रम के अलावा कई और नई  चीजें सीखना होता है।


    " पुस्तकें कभी भी फैशन से बाहर नहीं होती। "

Tuesday, 12 November 2019

परिवार,प्रेम और सहनशीलता

" पहाड़ों पर एकांत में बैठ कर तप करना सरल है , लेकिन परिवार में सबके बीच रहकर धीरज बनाए रखना बहुत कठिन है और यही जीवन का असली तप है । "
          जहाँ परिवार होता है, वहाँ कई रिश्ते होते हैं, अपनत्व होता है, प्रेम होता है और साथ ही साथ अन-बन भी होती है, जिसमे हमारा दायित्व है कि हम अपना धीरज बनाये रखें परंतु यदि कोई वाक्या गलत हो तो उसके प्रति विरोध भी करें।

Monday, 11 November 2019

शिक्षित मगर ग़ुलाम



   " देहाती लोगों की वजह से ही भारत की संस्कृति और भाषाएँ बची हुई हैं , नहीं तो हम पढ़े लिखे लोगों ने तो अंग्रेज़ियत के ग़ुलाम होने में कोई कमी बाकी नही रखी है। "
  

एक संगिनी

एक संगिनी तुम्हारा मिलना  जीवन को एक नई आस देता है, घोर अंधेरे में विहंगम उजला कोई प्रकाश देता है। तुम तब आई जब युद्ध मैं हार चुका था, निराश...